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लेखनी कहानी -30-May-2022

   विषय :-   काश मेरा भी भाई होता !


    काश मेरा भी भाई होता !
   मै भी रक्षाबंधन मनाती,
  राखी को देख दिल कहता है, 
    काश मेरा भी भाई होता !
  
  रक्षाबंधन के दिन ,
 सुबह ही उठती ।
आरती का थाल सजाती , 
राखी और मिठाई ,
लेकर जाती ,और
भाई को राखी बाॅधती
और कहती मेरा
तोहफा दो ।।
तोहफे को देख मुस्कुराती,
और पूरे घर मे झूम जाती ।
   
        राखी की थाल है सजाई 
   बाॅधने के लिए नही मिली कलाई
  वैसे तो सब कहते है मै हूॅ तेरा भाई
पर फिर भी जाने क्यो यह बात है याद आई
      कि काश मेरा भी होता कोई भाई  !
         काश मेरा भी होता कोई  भाई  !!

       ✍✍ रबिना विश्वकर्मा
          उ•प्र (जौनपुर) ,222128

  


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6 Comments

Rahman

31-May-2022 06:19 PM

Osm

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Saba Rahman

30-May-2022 05:55 PM

Nyc

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Punam verma

30-May-2022 05:31 PM

Nice

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